https://www.jagran.com/ हिंदी न्यूज़ ⁄ पश्चिम बंगाल ⁄ कोलकाता पीएम मोदी की बैठक में शामिल नहीं हुईं ममता, आधे घंटे देर से पहुंचकर अलग से की मुलाकात, मांगा 20 हजार करोड़ का पैकेज 'यास' से हुए नुकसान को लेकर आज मोदी-ममता में बैठक Publish Date:Fri, 28 May 2021 05:47 PM (IST)Author: Priti Jha ममता राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के साथ 30 मिनट देर से कलाइकुंडा एयरफोर्स बेस पहुंचीं। उन्होंने बैठक से पहले पीएम मोदी से अलग से मुलाकात की और यास से बंगाल को पहुंचे नुकसान पर प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी। राज्य ब्यूरो, कोलकाता : चक्रवात 'यास' से बंगाल को पहुंचे नुकसान का आकलन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को कलाइकुंडा एयरफोर्स बेस पर बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं, हालांकि उन्होंने पीएम मोदी से उसी जगह अलग से मुलाकात की और चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित हुए सूबे के दीघा व सुंदरवन इलाकों के विकास के लिए 10-10 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ममता राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के साथ 30 मिनट देर से कलाइकुंडा एयरफोर्स बेस पहुंचीं। उन्होंने बैठक से पहले पीएम मोदी से अलग से मुलाकात की और यास से बंगाल को पहुंचे नुकसान पर प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी। ममता ने दीघा व सुंदरवन के लिए कुल 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की और उसके बाद दीघा में प्रशासनिक बैठक का हवाला देते हुए तुरंत वहां से निकल गईं। सीबीआइ की उस याचिका की सुनवाइ सिंगल बेंच में होनी चाहिए थी, न कि डिविजन बेंच में। Narada sting case: कलकत्ता हाईकोर्ट के जज ने सहयोगी न्यायाधीशों पर ही उठाए सवाल, कहा- हम मजाक बनकर रह गए हैं यह भी पढ़ें ममता के बैठक में शामिल नहीं होने की वजह भाजपा नेता व बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को उसमें आमंत्रित किया जाना बताया जा रहा है। सूत्रों से यह भी पता चला है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर पूछा गया कि इस बैठक में विधायकों व सांसदों को क्यों शामिल किया जा रहा है? इस बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री के प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में भाग नहीं लेने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व उनके अधिकारी अगर बैठक में भाग लेते तो यह राज्य व यहां के लोगों के हित में होता। विरोधात्मक रवैये से राज्य व लोकतंत्र के हितों को नुकसान पहुंचता है। मुख्यमंत्री व उनके अधिकारियों का बैठक में शामिल न होना संवैधानिक नियमों के मुताबिक नहीं है। वहीं सुवेदु अधिकारी ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए साथ मिलकर काम करने का है। भाजपा ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्हें बैठक में आमंत्रित किया जा ही सकता है।मुख्यमंत्री को इसे लेकर आपत्ति नहीं होनी चाहिए थी। शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप हिंदी न्यूज़ ⁄ राष्ट्रीय Video : कमलनाथ बोले- भारत महान नहीं बदनाम है, भाजपा ने किया करारा पलटवार, सोनिया से पूछे ये सवाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक विवादित बयान से देश में सियासत गरमा गई है। Publish Date:Fri, 28 May 2021 05:55 PM (IST)Author: Krishna Bihari Singh मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक विवादित बयान से देश में सियासत गरमा गई है। कमलनाथ ने कहा कि भारत महान नहीं भारत बदनाम है। सब देशों ने रोक लगाई है कि भारत के लोग नहीं आ सकते हैं। इस बयान पर सियासी बवाल मच गया है... भोपाल, एजेंसियां। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक विवादित बयान से देश में सियासत गरमा गई है। कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि भारत महान नहीं, भारत बदनाम है। सब देशों ने रोक लगाई है कि भारत के लोग नहीं आ सकते हैं। कमलनाथ यहीं नहीं रुके उन्‍होंने कहा कि मुझे न्‍यूयॉर्क से लोगों ने फोन कर के बताया कि अपना देश इस कदर बदनाम हो चुका है कि जो भारतीय टैक्‍सी चलाते हैं उनकी टैक्‍सी में बैठने को कोई तैयार नहीं हो रहा है। कमलनाथ ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी जी पहले कहते थे कि हमने कोविड की लड़ाई जीत ली है आज कहते हैं कि ग्‍लोबल टैंडर निकालो... #WATCH भारत महान नहीं, भारत बदनाम है। सब देशों ने रोक लगाई है कि भारत के लोग नहीं आ सकते: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ pic.twitter.com/w1Q7yCf1q5 — ANI_HindiNews (@AHindinews) May 28, 2021 कमलनाथ का यह बयान सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर करारा पलटवार किया है। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए। क्या आप कमलनाथ के बयान से सहमत हो? सत्ता जाने के बाद लगता है कमलनाथ ने मानसिक संतुलन खो दिया है। कमलनाथ ने इसी धरती पर जन्म लिया और कह रहे हैं कि भारत बदनाम है।पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी क्या वे ऐसी कांग्रेस चाहते थे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि सोनिया गांधी को मौन तोड़ना पड़ेगा। आप साफ करें कि कमलनाथ गलत है। अगर गलत है तो उन्हें पार्टी से बाहर करो या फिर आप कह दीजिए कि आप कमलनाथ के बयान से सहमत है। वहीं मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जो लोग एक परिवार की चाटुकारिता करते हुए राजनीति करना चाहते हैं, वे इस तरह के बयान देंगे। कमलनाथ जी भारत महान है। आपने और आपकी पार्टी ने भारत की स्थिति को कमजोर करने की कोशिश ज़रूर की। आप पाकिस्तान और चीन का एजेंडा लेकर राजनीति करना चाहते हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी हो या कमलनाथ हो वे भारत में पैदा हुए हैं और इसी देश को बदनाम कर रहे हैं। उन्‍होंने सवाल किया कि जिस भारत देश को वे बदनाम कर रहे हैं क्या वे इसे छोड़कर रहने के लिए दूसरे देश में जाएंगे? शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप हिंदी न्यूज़ ⁄ दिल्ली ⁄ नई दिल्ली Delhi Unlock 1.0: क्या फिर आएगी दिल्ली में लॉकडाउन लगाने की नौबत, CM केजरीवाल ने किया बड़ा इशारा मेरी अपील है कि सभी लोग कोविड-19 के एहतियात अवश्य बरतें। Publish Date:Fri, 28 May 2021 05:38 PM (IST)Author: Prateek Kumar Delhi Unlock 1.0 सीएम ने अनलॉक के बीच एक सख्त संदेश भी दिया है जिससे व्यापारी वर्ग निराश हो सकते हैं। सीएम ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि एकदम से लाॅकडाउन खोलने से हमें उसका नुकसान हो जाए और फिर से कोरोना बढ़ने लगे। नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Delhi Unlock 1.0: दिल्ली में शुक्रवार की दोपहर जब सीएम अरविंद केजरीवाल प्रेस वार्ता के लिए मौजूद हुए तब दिल्ली ही नहीं देश भर के लाखों लोगों के साथ व्यापारी वर्ग भी उन्हें बड़े ध्यान से सुन रहे थे। आखिर लॉकडाउन के कारण बंद पड़े धंधे के खुलने की आस जगी थी। हुआ भी ऐसा ही सीएम ने लॉकडाउन को खत्म करने के संकेत तो दिए हैं मगर यह एक चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हालांकि, सीएम ने अनलॉक के बीच एक सख्त संदेश भी दिया है जिससे व्यापारी वर्ग निराश हो सकते हैं। सीएम ने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि एकदम से लाॅकडाउन खोलने से हमें उसका नुकसान हो जाए और फिर से कोरोना बढ़ने लगे। अगर ऐसा हुआ, तो हमारे पास दोबारा लाॅकडाउन लगाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचेगा। इसलिए मेरी अपील है कि सभी लोग कोविड-19 के एहतियात अवश्य बरतें। ... तो रुक सकती है अनलॉक की प्रकिया उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को विरोध पत्र भेजकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग करने की तैयारी Delhi Unlock 1.0: शर्तों के साथ खुला लॉकडाउन तो व्यापारी वर्ग हुआ नाराज, उपराज्यपाल व सीएम को लिखा लेटर यह भी पढ़ें सीएम अरविंद केजरीवाल ने अनलॉक की प्रकिया के बार में बताते हुए कहा कि अब हफ्ता-दर-हफ्ता हम जनता के सुझावों के आधार के ऊपर और विशेषज्ञों की राय के आधार पर इसी तरह से धीरे-धीरे लॉकडाउन खोलने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। बशर्ते कि कोरोना फिर से बढ़ने न लगे। अगर बीच में ऐसा लगता है कि कोरोना फिर से बढ़ने लग गया, तो फिर हमें आर्थिक गतिविधियों को खोलने की प्रक्रिया को भी रोकना पड़ेगा। एहतियात बरतने की सलाह पश्चिमी में दो और दक्षिण-पश्चिमी में एक भी दिव्यांग टीकाकरण के लिए नहीं आया आगे 45 पार के साथ 18 से 44 वर्षीय दिव्यांगों के लिए शुरू हो टीकाकरण, उठ रही मांग यह भी पढ़ें मेरी आप सब लोगों से गुजारिश है कि कोरोना से संबंधित जो भी एहतियात हैं, उसको जरूर बरतें। एक तो अपनी सुरक्षा, अपने परिवार की सुरक्षा, अपनी सेहत और अपनी जिंदगी के लिए और दूसरा यह कि अगर सभी लोग मिलकर कोविड-19 के एहतियात बरतेंगे, तभी दिल्ली के अंदर और आर्थिक गतिविधिया खोली जा सकेंगी। अगर कोरोना फिर से बढ़ने लग गया, तो हमारे पास फिर से लाॅकडाउन लगाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचेगा। हम नहीं चाहते हैं कि फिर से लॉकडाउन लगाना पड़े, हम लाॅकडाउन के पक्ष में बिल्कुल भी नहीं है और आप भी नहीं चाहते हैं। लॉकडाउन कोई अच्छी चीज नहीं है, इसे मजबूरी में लगाना पड़ता है। आंगनवाड़ी के माध्यम से टेक होम राशन (टीएचआर) के वितरण का मूल्यांकन करने के लिए एक स्वतंत्र सर्वेक्षण किया। टेक होम राशन योजना से 91 फीसदी लाभार्थियों को मिल रही पोषक तत्वों की खुराक यह भी पढ़ें जरूरत पर ही बाहर निकलें केजरीवाल ने लोगों से पुनः अपील करते हुए कहा कि जब तक बहुत जरूरत न पड़े, तब तक घर से बाहर न निकलें। बहुत जरूरी हो, तभी घर से बाहर निकलें। जरूरत न हो, तो घर से बाहर न निकलें। यह बहुत ही नाजुक समय है। हम सबको बड़ी जिम्मेदारी के साथ आचरण करना है, ताकि हम सब मिलकर अपनी दिल्ली को बचा सकें, अपने देश को बचा सकें। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत आसपास के और राज्यों से लोग आजीविका कमाने के लिए दिल्ली आते हैं। काफी लोग दिहाड़ी का काम करते हैं और बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों के अंदर जीते हैं। हमें ऐसे मजदूर सबसे ज्यादा निर्माण गतिविधियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले मिलते हैं। शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप महान स्वतंत्रता सेनानी सावरकर की जयंती पर पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, किया याद पीएम ने सावरकर को एक महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त बताया Publish Date:Fri, 28 May 2021 09:57 AM (IST)Author: Neel Rajput पीएम मोदी के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष माधव भंडारी सहित अन्य भाजपा नेताओं ने भी सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त बताया। नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने सावरकर को एक महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त बताया। पीएम मोदी ने लिखा, 'आजादी की लड़ाई के महान सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त वीर सावरकर को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।' आजादी की लड़ाई के महान सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त वीर सावरकर को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। — Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2021 पीएम मोदी के अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष माधव भंडारी सहित अन्य भाजपा नेताओं ने भी सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। 28 मई, 1883 को नासिक में जन्मे सावरकर एक स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, वकील, लेखक और हिंदुत्व दर्शन के प्रमुख सूत्रधार थे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एक विवादित बयान से देश में सियासत गरमा गई है। Video : कमलनाथ बोले- भारत महान नहीं बदनाम है, भाजपा ने किया करारा पलटवार, सोनिया से पूछे ये सवाल यह भी पढ़ें शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप